इस वर्ष कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस का समारोह भव्यता और विशेषता से भरा होगा। 26 जनवरी को सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाला यह आयोजन करीब 90 मिनट तक चलेगा, जिसमें लगभग 77,000 लोग शामिल होंगे। हर साल की तरह इस बार भी भारत अपनी सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता का अनोखा प्रदर्शन करेगा।
प्रलय मिसाइल का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में भारत की नई स्वदेशी मिसाइल प्रलय को प्रदर्शित किया जाएगा। हथियार प्रणालियों की विस्तृत श्रृंखला में यह मिसाइल विशेष आकर्षण होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार इस आयोजन को एक बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। इसमें देशभर के कलाकारों की भागीदारी होगी जो भारतीय समाज की विविधता और समृद्धि को दर्शाएगी।
मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
इस वर्ष इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इंडोनेशिया का एक विशेष मार्चिंग दल और बैंड भी इस परेड में हिस्सा लेगा। इंडोनेशिया के 160 सैनिकों का दल और 190 सैन्यकर्मियों का बैंड इंडोनेशियाई धुनों के साथ परेड में शामिल होगा।
परेड का आयोजन और थीम
इस साल की परेड में 18 मार्चिंग दल 15 बैंड और 31 झांकियां हिस्सा लेंगी। परेड की थीम है: “स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास” 300 सांस्कृतिक कलाकार भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों के साथ देश की समृद्ध धरोहर को प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा, 5,000 से अधिक लोक और आदिवासी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। परेड के संगीत की रचना प्रसिद्ध संगीतकार शंकर महादेवन ने की है।
जनभागीदारी और विशेष आमंत्रित अतिथि
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है या सरकारी योजनाओं का सर्वोत्तम उपयोग किया है।
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान
इस बार के आयोजन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की गई है। चाहे वह सांस्कृतिक कार्यक्रम हों या सेना के मार्चिंग दस्ते, महिलाओं की उपस्थिति पर खास जोर दिया गया है।
सांस्कृतिक झलकियां और प्रस्तुतियां
मुख्य सलामी मंच के अलावा भी परेड स्थल पर लोक कलाकारों द्वारा विविध प्रकार की कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि इस आयोजन में भारतीय संगीत और संस्कृति की झलक प्रमुखता से दिखाई दे।
समारोह की भव्यता
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह न केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन होगा बल्कि भारतीय समाज की बहुलता और सांस्कृतिक विविधता को भी पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।गणतंत्र दिवस 2026 का यह समारोह एक अद्वितीय और भव्य आयोजन होगा, जो भारतीय विरासत, विकास, और सामरिक शक्ति का प्रतीक बनेगा।
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