बदलते और प्रगतिशील बिहार की तस्वीर पर राज्यस्तरीय प्रतियोगिता, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को मिलेगा मंच

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बिहार के स्कूलों में निबंध, वाद-विवाद, पेंटिंग और पोस्टर प्रतियोगिता: 

प्रतियोगिता की घोषणा और उद्देश्य छात्रों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मौका

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए निबंध लेखन, वाद-विवाद, पेंटिंग और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता, विचारशीलता और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है ताकि वे अपने विचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित हों। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक शानदार मंच देती है।

प्रतियोगिता की श्रेणियाँ और आयोजन

प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी—पहली श्रेणी कक्षा 6-8 और दूसरी श्रेणी कक्षा 9-12 के लिए। प्रत्येक श्रेणी के छात्र-छात्राएँ अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार निबंध लेखन, वाद-विवाद, पेंटिंग या पोस्टर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता का आयोजन 27 से 31 मई 2025 के बीच स्कूल स्तर पर किया जाएगा, जिसमें दो पीरियड (कुल 2 घंटे) निर्धारित किए गए हैं।

यह पहल पाठ्य सहगामी क्रियाओं को जीवन कौशल विकास से जोड़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों को राज्य में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों से अवगत कराने के लिए की गई है। माननीय शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार यह प्रतियोगिता निबंध लेखन, परिचर्चा, पेंटिंग और पोस्टर निर्माण के रूप में आयोजित की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी सोच को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का अवसर मिलेगा।

प्रतियोगिता के नियम और प्रक्रिया

  1. छात्र अपनी इच्छा के अनुसार निबंध लेखन और पेंटिंग/पोस्टर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विषय स्कूल द्वारा निर्धारित या सुझाए गए हो सकते हैं, लेकिन छात्र अपनी पसंद के किसी भी सामाजिक, शैक्षिक या रचनात्मक विषय पर भी भाग ले सकते हैं।
  2. प्रत्येक छात्र को केवल एक ही प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति होगी।
  3. हर श्रेणी और विषय (निबंध, वाद-विवाद, पेंटिंग/पोस्टर) के लिए अलग-अलग विजेता घोषित किए जाएंगे।
  4. पेंटिंग/पोस्टर प्रतियोगिता के लिए चार्ट पेपर, पेंसिल, रंग आदि की व्यवस्था स्कूल द्वारा की जाएगी। यदि कोई छात्र अपनी सामग्री लाना चाहता है, तो उसे भी अनुमति दी जाएगी।
  5. प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल के हॉल या खुले स्थान पर किया जा सकता है, जिससे सभी छात्रों को भाग लेने का अवसर मिल सके।
  6. निर्णायक मंडल में स्कूल के शिक्षक/शिक्षिका या बाहर के कला विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं, जिससे निष्पक्षता बनी रहे।
  7. वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को अधिकतम 5 मिनट और निबंध/पेंटिंग/पोस्टर प्रतियोगिता के लिए 1 घंटा समय मिलेगा।
  8. प्रतियोगिता में तीन निर्णायक होंगे, जो छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे।
  9. प्रत्येक श्रेणी और विषय में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार वितरण स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा।बदलते और प्रगतिशील बिहार प्रतियोगिता 2025 पर शिक्षा विभाग का आधिकारिक पत्र

बदलते और प्रगतिशील बिहार प्रतियोगिता 2025 पर शिक्षा विभाग का आधिकारिक पत्रप्रतियोगिता की अंतिम तिथि और आयोजन

स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे 26 से 30 जून 2025 के बीच अपने स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन सुनिश्चित करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी छात्रों को भाग लेने का पर्याप्त समय और अवसर मिले। स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे सामग्री, स्थान, निर्णायक आदि की व्यवस्था समय पर करें।

छात्रों के लिए लाभ

इस तरह की प्रतियोगिताएँ छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे न केवल उनकी रचनात्मकता और सोचने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी बात भी रख पाते हैं। पेंटिंग और पोस्टर प्रतियोगिता से बच्चों की कलात्मकता को नया आयाम मिलता है, वहीं निबंध और वाद-विवाद से उनकी भाषा और तर्कशक्ति का विकास होता है। स्कूल स्तर पर पुरस्कार मिलने से बच्चों को और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।

समाज और शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

ऐसी प्रतियोगिताएँ शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और रचनात्मक बनाती हैं। इससे छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है और वे समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। साथ ही, शिक्षक और स्कूल प्रशासन को भी छात्रों की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहित करने का मौका मिलता है।

बिहार शिक्षा विभाग की यह पहल निश्चित रूप से छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे न केवल उनकी प्रतिभा को मंच मिलेगा, बल्कि वे समाज के प्रति जागरूक और जिम्मेदार भी बनेंगे। ऐसे आयोजनों से स्कूलों में रचनात्मकता और सकारात्मक माहौल का निर्माण होता है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्या आपके स्कूल में भी यह प्रतियोगिता हो रही है या आप इसमें भाग लेने की सोच रहे हैं? अगर हाँ, तो अपनी तैयारी शुरू कर दीजिए—यह मौका बार-बार नहीं आता!

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