पटना:Bihar Panchayat Chunav 2026: बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 (Bihar Panchayat Chunav 2026) की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों और भ्रम की स्थिति पर विराम लगाते हुए बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) जारी की है। इस पत्र ने न केवल चुनाव के समय को स्पष्ट किया है, बल्कि आरक्षण (Reservation) और वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। अगर आप भी 2026 में मुखिया, सरपंच या वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर लगाम
राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में यह बात आई थी कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर पंचायत आम निर्वाचन, 2026 की अवधि और विभिन्न पदों के आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कई जगह यह कहा जा रहा था कि चुनाव देर से होंगे या आरक्षण के नियम वही पुराने रहेंगे। इस भ्रम को दूर करने के लिए आयोग ने आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट की है।
1. कब होंगे चुनाव? (Election Timing)
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पिछला पंचायत चुनाव (2021) अगस्त से दिसंबर के बीच संपन्न हुआ था। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से जनवरी 2022 के प्रथम सप्ताह के बीच हुआ था। नियमतः पंचायत का कार्यकाल शपथ ग्रहण की तारीख से 5 वर्ष का होता है।
इस आधार पर, वर्तमान त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। आयोग ने साफ कर दिया है कि आगामी पंचायत आम निर्वाचन, 2026 कार्यकाल समाप्ति से पूर्व यानी दिसंबर 2026 से पहले ससमय संपन्न करा लिए जाएंगे। इसका मतलब है कि चुनाव टलने की कोई संभावना नहीं है और प्रशासनिक तैयारी समय रहते शुरू हो जाएगी।
2. मल्टी पोस्ट EVM से होगा चुनाव (Multi-Post EVM)
बिहार पंचायत चुनाव के इतिहास में तकनीक का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। 2021 के चुनाव में पहली बार बड़े पैमाने पर ईवीएम का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन कुछ पदों (जैसे पंच और सरपंच) के लिए मतपत्र (Ballot Paper) का भी उपयोग किया गया था।
लेकिन, 2026 के चुनाव के लिए राज्य सरकार ने बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार:
- ग्राम पंचायत सदस्य (वार्ड सदस्य)
- मुखिया
- पंचायत समिति सदस्य
- जिला परिषद सदस्य
- ग्राम कचहरी सरपंच
- ग्राम कचहरी पंच
इन सभी 6 पदों के लिए मतदान ‘मल्टी पोस्ट ईवीएम’ (Multi Post EVM) के माध्यम से कराया जाएगा। अब बैलेट पेपर का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा। मल्टी पोस्ट ईवीएम एक ऐसी मशीन है जिसमें एक ही कंट्रोल यूनिट से कई बैलेट यूनिट जुड़ी होती हैं, जिससे मतदाता एक साथ अलग-अलग पदों के लिए वोट डाल सकते हैं। इससे मतगणना में तेजी आएगी और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
3. आरक्षण में बड़ा बदलाव: रोटेशन सिस्टम लागू (Reservation Rotation)
सबसे बड़ी खबर उन उम्मीदवारों के लिए है जो अपनी सीट के आरक्षित या सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। आयोग ने “बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006” के प्रावधानों का हवाला देते हुए आरक्षण की स्थिति साफ की है।
नियम क्या कहता है?
अधिनियम की धारा 13, 38, 65 और 91 के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं में पदों का आरक्षण दो क्रमिक निर्वाचनों (Two Consecutive Elections) के बाद बदल दिया जाता है।
वर्तमान स्थिति:
- वर्ष 2016 में पंचायत चुनाव से पहले पदों के आरक्षण का कार्य (रोटेशन) किया गया था।
- उसी आरक्षण रोस्टर पर 2016 और 2021 के दो चुनाव संपन्न कराए गए।
- चूंकि दो चुनावों की सीमा पूरी हो चुकी है, इसलिए 2026 के चुनाव में आरक्षण का रोटेशन अनिवार्य है।
इसका क्या मतलब है?
इसका सीधा मतलब है कि जो सीट पिछले दो चुनावों (10 साल) से ‘सामान्य’ थी, वह अब आरक्षित (SC/ST/OBC/महिला) हो सकती है। और जो सीट पिछले 10 सालों से किसी खास वर्ग के लिए आरक्षित थी, वह अब ‘अनारक्षित’ या किसी अन्य वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत आम निर्वाचन, 2026 संपन्न कराने से पूर्व ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के विभिन्न पदों का आरक्षण कार्य ससमय कर लिया जाएगा। इससे नए चेहरों को मौका मिलेगा और कई पुराने दिग्गजों को अपनी सीट बदलनी पड़ सकती है।

उम्मीदवारों के लिए क्या हैं संकेत?
यह प्रेस विज्ञप्ति भावी उम्मीदवारों के लिए एक ‘अलार्म बेल’ है। जो वर्तमान मुखिया या जनप्रतिनिधि यह सोचकर बैठे थे कि उनकी सीट सुरक्षित रहेगी, उन्हें अब नए सिरे से समीकरण बैठाने होंगे। आरक्षण में बदलाव (Rotation) होने से कई पंचायतों का राजनीतिक भूगोल पूरी तरह बदल जाएगा।
रोटेशन कैसे काम करता है?
आमतौर पर, रोटेशन प्रणाली में उन सीटों को प्राथमिकता दी जाती है जो पहले आरक्षित नहीं थीं। जनसंख्या के अनुपात और पिछले आरक्षण के चक्र (Cycle) को देखकर जिलाधिकारी (DM) के स्तर पर नई सूची तैयार की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार का यह स्पष्टीकरण उन सभी के लिए राहत की खबर है जो असमंजस में थे। 2026 का चुनाव तकनीकी रूप से अधिक उन्नत (पूर्णतः EVM आधारित) और राजनीतिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण (आरक्षण रोटेशन के कारण) होगा।
अगर आप वोटर हैं, तो तैयार रहें एक पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए। और अगर आप उम्मीदवार हैं, तो अपनी तैयारी अभी से शुरू कर दें, लेकिन यह ध्यान में रखें कि आपकी सीट का आरक्षण बदल सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Recap):
चुनाव वर्ष 2026
वोटिंग का तरीका सभी 6 पदों के लिए मल्टी पोस्ट EVM
आरक्षण (Reservation) रोटेशन लागू होगा (सीटें बदलेंगी)
चुनाव का समय दिसंबर 2026 से पहले संपन्न होंगे
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