BLO घर-घर जाकर 17 वर्ष से अधिक उम्र वालों का नाम वोटर सूची में दर्ज कराएंगे ,चुनाव आयोग की नई पहल

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BLO मतदाता सूची में युवाओं का नाम जोड़ेंगे

पटना, बिहार  भारत निर्वाचन आयोग ने 2025 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की दिशा में विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के अंतर्गत  बीएलओ (BLO) अब घर-घर जाकर 17 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को वोटर लिस्ट में नामांकन के लिए प्रेरित करेंगे। इसका उद्देश्य है कि जैसे ही युवा 18 वर्ष के हों, वे मतदान करने के अधिकार का लाभ ले सकें।

इस अभियान की शुरुआत आगामी सप्ताह से बीएलओ के द्वारा की जा रही है और यह 6 चरणों में चलाया जाएगा। BLO उन युवाओं की पहचान करेंगे जो अभी 17 वर्ष के हैं, और आगामी चुनाव तक 18 के हो जाएंगे, ताकि उन्हें समय रहते वोटर सूची में जोड़ा जा सके।

अब तक मतदाताओं की बढ़ती संख्या पर एक नज़र

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में विधानसभा चुनावों के दौरान कुल मतदाताओं की संख्या हर वर्ष बढ़ती रही है:

विधानसभा चुनाव कुल मतदाता
2005 5,26,87,663
2010 5,51,20,656
2015 6,70,92,013
2020 7,36,46,870
2025 (जनवरी) 7,80,22,933

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार में मतदाता जागरूकता और भागीदारी में लगातार वृद्धि हो रही है।

उम्र के हिसाब से बिहार में मतदाताओं की संख्या

2025 की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, विभिन्न आयु वर्ग में मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है:

आयु वर्ग मतदाता संख्या
18-19 8,08,857
20-29 1,55,90,481
30-39 2,04,24,920
40-49 1,69,26,086
50-59 1,14,26,964
60-69 72,72,136
70-79 39,65,933
80+ 16,70,527

इन आंकड़ों से पता चलता है कि युवा मतदाताओं (18-39 वर्ष) की भागीदारी काफी अधिक है और यदि 17 वर्ष की उम्र से ही उन्हें प्रेरित किया जाए तो मतदान प्रतिशत और भागीदारी और भी बेहतर हो सकती है।

विशेष निर्देश और BLO की जिम्मेदारियाँ

चुनाव आयोग ने राज्य के सभी बीएलओ को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 77,895 मतदान केंद्रों पर जाकर संभावित नए मतदाताओं को चिह्नित करें। इसके लिए:

  • प्रत्येक BLO को 1200 घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • युवाओं से जरूरी दस्तावेज जैसे आयु प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र लेकर उन्हें फार्म-6 भरवाया जाएगा।
  • यह अभियान 6 चरणों में चलेगा जिससे कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम

भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में यह पहल सराहनीय है। युवा मतदाता देश के भविष्य को तय करते हैं और उनकी भागीदारी लोकतंत्र की नींव को और गहरा करती है। अगर 17 साल की उम्र से ही युवाओं को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ा जाए, तो न केवल उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है बल्कि चुनावी भागीदारी का प्रतिशत भी बढ़ाया जा सकता है।

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