DEO Vaishali का सख्त निर्देश: अब हर सरकारी स्कूल को ऑनलाइन देनी होगी शिक्षकों और विद्यालय की पूरी जानकारी
हाजीपुर (वैशाली):
वैशाली जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय ने एक अहम आदेश जारी किया है, जो आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली को पूरी तरह बदल सकता है। इस आदेश के तहत अब जिले के हर सरकारी स्कूल को DEO वैशाली की आधिकारिक वेबसाइट https://deovaisahli.in पर अपने विद्यालय और शिक्षकों से जुड़ी पूरी व अद्यतन जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।
शिक्षा विभाग का स्पष्ट कहना है कि यह कदम केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि UDISE डेटा की शुद्धता, HRMS वेतन भुगतान और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए बेहद जरूरी है। आदेश का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
शिक्षा विभाग को क्यों उठाना पड़ा यह कदम
पिछले कुछ वर्षों में यह लगातार सामने आ रहा था कि कई विद्यालयों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। कहीं शिक्षकों का PAN या UAN अपडेट नहीं था, तो कहीं HRMS के कारण वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी हो रही थी। कई मामलों में UDISE पोर्टल पर दर्ज जानकारी जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रही थी।
इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए DEO वैशाली कार्यालय ने एक केंद्रीकृत डिजिटल सिस्टम विकसित किया है, ताकि सभी विद्यालयों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत समीक्षा की जा सके।
deovaisahli.in पर लॉगिन करना अब अनिवार्य
जारी निर्देश के अनुसार, जिले के प्रत्येक सरकारी विद्यालय को DEO की वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। इसके लिए विद्यालय का UDISE कोड लॉगिन आईडी के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। पहली बार लॉगिन करने के लिए एक सामान्य पासवर्ड निर्धारित किया गया है, जिसे बाद में बदला जा सकता है।
लॉगिन के बाद विद्यालय प्रोफाइल को पूरी तरह भरना अनिवार्य होगा। इसमें विद्यालय की पहचान, शिक्षकों की सूची और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी शामिल है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अधूरी या गलत जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिक्षकों का पूरा सेवा विवरण ऑनलाइन देना होगा
इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों से जुड़ा है। प्रत्येक विद्यालय को अपने यहां कार्यरत सभी शिक्षकों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इसमें शिक्षक का नाम, पद, वर्तमान पदस्थापन के साथ-साथ PAN नंबर और UAN नंबर भी शामिल हैं।
इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अप्रैल 2025 तक का अपडेटेड सेवा विवरण सिस्टम में दर्ज हो। विभाग का मानना है कि इसी जानकारी के आधार पर वेतन, भविष्य निधि और अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
PDF फॉर्मेट में दस्तावेज़ अपलोड करना होगा
DEO कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जानकारियाँ केवल लिखित रूप में नहीं, बल्कि PDF दस्तावेज़ के रूप में स्कैन करके अपलोड की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि रिकॉर्ड सुरक्षित रहें और भविष्य में किसी भी जांच या सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ तुरंत उपलब्ध कराए जा सकें।
अपलोड की गई फाइलों की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। यदि बाद में कोई त्रुटि या गलत जानकारी पाई जाती है, तो उसकी जवाबदेही भी विद्यालय प्रशासन की ही मानी जाएगी।
विद्यालय की आधारभूत संरचना पर भी होगी नजर
इस नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ शिक्षकों का नहीं, बल्कि विद्यालय की भौतिक स्थिति का भी ऑनलाइन आकलन किया जाएगा। विद्यालयों को अपने भवन, कक्षाओं, शौचालय, पेयजल, बिजली व्यवस्था और मिड-डे मील रसोईघर से जुड़ी जानकारी देनी होगी।
साथ ही विद्यालय परिसर और उपलब्ध सुविधाओं की स्पष्ट फोटोग्राफ भी अपलोड करनी होंगी, ताकि यह देखा जा सके कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जमीन पर दिखाई दे रहा है या नहीं।
कमियों को छिपाने पर नहीं, बताने पर मिलेगा समाधान
आदेश में यह बात विशेष रूप से कही गई है कि यदि किसी विद्यालय में आधारभूत संरचना या संसाधनों की कमी है, तो उसे छिपाने के बजाय स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए। शिक्षा विभाग का मानना है कि सही जानकारी मिलने पर ही प्राथमिकता के आधार पर संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
गलत या भ्रामक जानकारी देने से न केवल विभागीय कार्रवाई हो सकती है, बल्कि भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।
शिक्षक उपस्थिति और वेतन व्यवस्था की होगी सख्त निगरानी
नई वेबसाइट के माध्यम से अब जिला स्तर पर यह भी देखा जाएगा कि कौन शिक्षक वास्तव में विद्यालय में कार्यरत हैं और किसका वेतन किन कारणों से लंबित है। स्थानांतरण, निलंबन या सेवा से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी भी इसी प्लेटफॉर्म से प्राप्त की जाएगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे फर्जी उपस्थिति, दोहरे रिकॉर्ड और वेतन से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
आदेश की अनदेखी करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई
DEO वैशाली ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय समय पर जानकारी अपडेट नहीं करता या जानबूझकर गलत विवरण देता है, तो उसके खिलाफ प्रखंड और जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय का UDISE कोड अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे उस विद्यालय से जुड़े कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

HRMS वेतन भुगतान से सीधा संबंध
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सीधे तौर पर HRMS प्रणाली से जुड़ी हुई है। यदि शिक्षक का PAN, UAN या सेवा विवरण सही नहीं पाया गया, तो वेतन भुगतान में देरी, एरियर अटकने और PF से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इसी कारण प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी शिक्षकों से सही और प्रमाणित जानकारी लेकर ही अपलोड करें।
शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि DEO वैशाली का यह आदेश केवल एक प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है। यदि इसे ईमानदारी से लागू किया गया, तो इससे न केवल रिकॉर्ड प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि योजनाओं का लाभ भी सही जगह तक पहुंचेगा।
DEO वैशाली द्वारा जारी यह आदेश जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल शिक्षकों और विद्यालयों की जवाबदेही तय करता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में भी एक मजबूत पहल है। अब यह विद्यालय प्रशासन पर निर्भर करता है कि वे इस आदेश को कितनी गंभीरता से लागू करते हैं।
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