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पेरिस के प्रतिष्ठित VivaTech फ़ोरम में GitHub के CEO Thomas Dohmke ने एक दिलचस्प—but ज़रूरी—चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज भले ही एआई‑आधारित कोडिंग असिस्टेंट्स किसी भी व्यक्ति को स्टार्टअप शुरू करने का मौका दे रहे हों, लेकिन बड़े पैमाने पर बिज़नेस खड़ा करने के लिए अब भी अनुभवी डेवलपर्स और गहरा तकनीकी ज्ञान अनिवार्य है। Station F स्टार्टअप कैंपस में बोलते हुए डोह्मके ने साफ़ बताया कि केवल “वाइब कोडिंग”—यानी प्राकृतिक भाषा में प्रॉम्प्ट लिखकर तैयार हुआ कोड—and बूटस्ट्रैप्ड मॉडल निवेशकों को रिझाने के लिए काफ़ी नहीं है।

“वाइब कोडिंग” ने कम कीं एंट्री बैरियर्स, पर बढ़ाया सवाल
Thomas Dohmke ने समझाया कि कैसे गैर‑तकनीकी फ़ाउंडर भी अब कम बजट, छोटी टीम और एआई टूल्स के दम पर प्रोडक्ट लॉन्च कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ़्ट‑स्वामित्व वाले GitHub पर Copilot जैसे असिस्टेंट्स ने कोड लिखना आसान बना दिया है। लेकिन नतीजा यह है कि बाज़ार में बहुतेरे “एआई‑बिल्ट” स्टार्टअप एक साथ खड़े हो गए हैं। निवेशक अब पूछते हैं, “ मैं इन्हीं दस स्टार्टअप में तुम्हें ही पैसा क्यों दूँ?” जब तकनीकी जटिलता कम नज़र आती है, तो कंपनी का “यूनिक वैल्यू प्रपोज़िशन” धुंधला पड़ जाता है।
निवेशक चाहते हैं गंभीर तकनीकी दक्षता
GitHub प्रमुख Thomas Dohmke का कहना है कि शुरुआती दौर में एआई असिस्टेंट्स स्टार्टअप को तेज़ी से MVP (मिनिमम वाएबल प्रोडक्ट) दिखाने में मदद करते हैं। पर अगला पड़ाव—सीरीज़ ए या सीरीज़ बी—तभी संभव है जब कंपनी के पास स्केलेबल आर्किटेक्चर, मज़बूत सिक्योरिटी प्रैक्टिसेज़ और फ्यूचर रोडमैप पर काम करने वाली टीम हो। “बिना डेवलपर्स के कोई भी नॉन‑टेक फ़ाउंडर बड़ा प्लेटफ़ॉर्म नहीं बना पाएगा,” उन्होंने दो‐टूक कहा।
दो साल में एआई अपनाने का ट्रेंड बदला
Thomas Dohmke ने बताया कि दो साल पहले कंपनियों को एआई के फ़ायदे समझाने पड़ते थे, आज “FOMO”—Fear of Missing Out—पूरे बाजार में छाया है। हर संगठन जल्द से जल्द एआई को अपनाना चाहता है। मगर यही जल्दीबाज़ी अकसर सतही समाधानों तक सीमित रह जाती है। सफल स्केलिंग तभी होगी जब कोडिंग के मूल सिद्धांत और सिस्टम डिज़ाइन पर पकड़ मज़बूत हो।
कोडिंग का ज्ञान क्यों बना रहेगा अहम
GitHub के 150 मिलियन से ज़्यादा यूज़र्स का हवाला देते हुए डोह्मके ने कहा, “हमें यह समझना होगा कि कब एआई के भरोसे रहना है और कब ख़ुद कोड लिखना है।” वे पहले ही कह चुके हैं कि हर बच्चे को कोडिंग सीखनी चाहिए, ताकि वह तय कर सके कि प्रॉम्प्ट लिखना बेहतर है या सीधे कोड लिखना। उनका मानना है कि जो काम हम ख़ुद कर सकते हैं, उसके लिए बार‑बार एआई प्रॉम्प्ट लिखना समय की बर्बादी है।
एआई और ह्यूमन स्किल का संतुलन
Thomas Dohmke की चेतावनी केवल स्टार्टअप फ़ाउंडर्स के लिए नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के हर प्रोफ़ेशनल के लिए सबक़ है। एआई टूल्स हमें तेज़ बनाते हैं, रचनात्मक बनाते हैं, लेकिन कोड के पीछे की लॉजिक, आर्किटेक्चर और मेंटेनेंस अभी भी इंसानी विशेषज्ञता माँगते हैं। कोई भी प्रॉम्प्ट‐जनरेटेड कोड तभी टिकाऊ बनेगा, जब उसे अनुभवी डेवलपर्स परखा और परिष्कृत करेंगे।
एआई ने नए उद्यमियों के लिए दरवाज़े खोल दिए हैं, मगर स्थायी सफलता का रास्ता आज भी पारंपरिक मेहनत और तकनीकी कौशल से होकर जाता है। GitHub CEO की सलाह स्पष्ट है: जल्द‐बाज़ी में तैयार किया गया एआई‑निर्भर प्रोजेक्ट निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाएगा, जब तक उसके पीछे मज़बूत इंजीनियरिंग टीम और दीर्घकालिक विज़न न हो।
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