पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रनों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत इसलिए खास है क्योंकि पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी ने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था, लेकिन दूसरे इनिंग में भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करके मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक बड़ी जीत हासिल की, जबकि ट्रैविस हेड ने बस हार को थोड़ी देर के लिए टाला।
भारतीय टीम ने सोमवार को बड़ी बढ़त के साथ दो दिन का समय और सात विकेट निकालने के लिए पर्थ की पिच पर खेलना शुरू किया जो पहले से ही अनियमित उछाल लेे रही थी। विकेट ऐसे में गिरने हीं थे और मैच खत्म होना तय था, चाहे हालात जैसे भी हों। हेड ने 89 रन बनाए और मिचेल मार्श ने 47 रन बनाते हुए कुछ छक्के जड़े, जो देखने में मज़ेदार था, लेकिन इससे मैच का नतीजा ज़रा भी नहीं बदला।
ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार शुरुआत
पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने भारत को 150 रनों पर समेट कर बढ़त बनाई। मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस की जोड़ी ने गजब की गेंदबाजी की, और फील्डिंग में भी ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने निराश कर दिया।
पिछले एक दशक में ऑस्ट्रेलिया को कई बड़ी हार का सामना करना पड़ा है।
लेकिन यह हार अलग है। इस बार ऑस्ट्रेलिया ने गेंदबाजी में शानदार शुरुआत की थी। 2016 में वाका में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला इससे मिलता-जुलता है। हालांकि, उनकी तेज गेंदबाजी और फील्डिंग बेहतरीन थी, लेकिन बल्लेबाजी ने सब बर्बाद कर दिया।
इसके बाद का खेल बड़ा ही अप्रत्याशित था। पहली पारी में 150 पर ऑलआउट होने के बाद किसी विदेशी टीम से उम्मीद नहीं होती कि वह वापसी करेगी, लेकिन भारत ने ऐसा किया। यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया में छठा दोहरा शतक वाली ओपनिंग साझेदारी की।
India vs Australia भारतीय गेंदबाजों ने दिखाया दम, ऑस्ट्रेलिया ढेर
दो दिन में छह विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलिया की हालत और खराब हो गई। वे न केवल संघर्ष कर रहे थे बल्कि भ्रमित भी थे। भारतीय बल्लेबाजी के हर सत्र के साथ उनके चेहरे पर एक ही सवाल दिखता था – “यह कैसे हो गया?”
अब यह सवाल ऑस्ट्रेलिया को सुलझाना होगा। उनका वर्तमान शिविर शांत रहने और बुरे नतीजों पर ज़्यादा प्रतिक्रिया न देने की कोशिश करता है, जैसा उन्होंने पिछले साल भारत में दो हार के बाद किया था। लेकिन जनता इतनी शांत नहीं रहेगी और अगले टेस्ट के लिए बदलाव की मांग करेगी।
अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच जाएगा। भारतीय टीम जहां अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा।
भारत की जीत का महत्व
यह जीत भारत के लिए ऐतिहासिक है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम ने पिछले दो दौरों में सफलता हासिल की थी, लेकिन इस तरह का दबदबा पहले कभी नहीं देखा गया। यह जीत न केवल टीम की क्षमता दिखाती है, बल्कि सीरीज में इंडिया की पकड़ को भी मजबूत करती है।
दूसरी ओर, भारत के लिए यह मैच ऐतिहासिक है। 2018 तक ऑस्ट्रेलिया में भारत ने कभी टेस्ट सीरीज नहीं जीती थी, लेकिन 2019 से अब तक वह यहां अपराजित है। इस बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बुरी तरह हराकर उनके खेमे में हलचल मचा दी।
भारतीय खिलाड़ी
भारतीय टीम के पास एक युवा सलामी बल्लेबाज है जिसमें असीम क्षमता है, एक अनुभवी मध्यक्रम बल्लेबाज, एक ऐसा विकेटकीपर जिसने क्रिकेट में चमत्कारिक वापसी की, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज और अन्य उच्च स्तरीय खिलाड़ी हैं। अगले टेस्ट में कुछ और मजबूत खिलाड़ी वापस आएंगे, और इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार तीसरी बार सीरीज जीतने की अपनी संभावना को बेहतर बना दिया है।





