ITR फाइलिंग 2025: जानें इस साल की अंतिम तिथि और पूरी प्रक्रिया
हर वित्तीय वर्ष की तरह, इस बार भी टैक्सपेयर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ITR भरने की आखिरी तारीख क्या है? जबकि नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो जाता है, टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के लिए केवल 30-45 दिनों का समय मिलता है। इस वर्ष, आयकर विभाग ने ITR फॉर्म (फॉर्म 1 से 7) को थोड़ी देरी से जारी किया है, क्योंकि पिछले वर्ष के बजट में किए गए टैक्स नियमों में बदलाव के अनुसार फॉर्म को अपडेट करना आवश्यक था।
ITR फाइलिंग 2025: प्रमुख तिथियाँ और अपडेट्स
- ITR फॉर्म जारी होने की तिथि: मई 2025 (अनुमानित)
- ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि (सामान्य मामलों के लिए): 31 जुलाई 2025
- TDS डेटा अपडेट होने की तिथि: 31 मई 2025 के बाद
ITR फाइल करने की पूरी प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके
1. ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भड़े : स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
ऑनलाइन ITR फाइल करना सबसे सुविधाजनक और लोकप्रिय तरीका है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें
https://www.incometax.gov.in पर जाएं और अपने क्रेडेंशियल्स के साथ लॉगिन करें। नए उपयोगकर्ताओं को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। - ‘e-File’ मेनू से ‘Income Tax Return’ चुनें
डैशबोर्ड पर ‘e-File’ टैब पर जाएं और ‘Income Tax Return’ विकल्प का चयन करें। - आवश्यक विवरण भरें
- असेसमेंट ईयर (2025-26) चुनें
- उपयुक्त ITR फॉर्म (ITR-1, ITR-2, आदि) चुनें
- फाइलिंग टाइप (Original/Revised) चुनें
- फॉर्म भरें
- अपनी आय, कटौतियाँ, टैक्स और TDS विवरण भरें
- सभी अनुभागों को ध्यान से पूरा करें
- फॉर्म को सत्यापित करें और सबमिट करें
- सभी विवरणों की जाँच करें
- OTP या आधार के माध्यम से ई-वेरिफिकेशन पूरा करें
- सबमिशन के बाद रसीद (Acknowledgement) डाउनलोड करें
2.कर्मचारियों के लिए ऑफलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आसान गाइड (2025)
अगर आप सैलरी कमाने वाले कर्मचारी हैं और अपना इनकम टैक्स रिटर्न ऑफलाइन तरीके से फाइल करना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया आपके लिए बहुत आसान है। पहले यह समझ लें कि ज्यादातर सैलरीड कर्मचारियों के लिए ITR-1 (सहज) फॉर्म ही लागू होता है – खासकर अगर आपकी आय का स्रोत केवल वेतन, बैंक ब्याज या घर की किराये की आय है।
शुरुआत करने के लिए आपको आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.incometax.gov.in पर जाकर अपने लिए उपयुक्त इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म (जैसे ITR-1) की JSON यूटिलिटी डाउनलोड करनी होगी। यह एक साधारण सॉफ्टवेयर टूल होता है जो आपके कंप्यूटर पर फॉर्म की तरह काम करता है।
इस यूटिलिटी को खोलकर आपको अपनी सभी जरूरी जानकारियाँ भरनी होंगी – जैसे आपका नाम, पता, PAN नंबर, पूरे साल की सैलरी (जो आप फॉर्म 16 से देख सकते हैं), कटे हुए टैक्स की रकम (फॉर्म 26AS से पता कर सकते हैं), बैंक ब्याज, होम लोन से जुड़ी जानकारी और 80C जैसे सेक्शन के तहत मिलने वाली छूट (LIC, PF आदि पर)।
सारी जानकारी भरने के बाद, इस यूटिलिटी से एक JSON फॉर्मेट की डिजिटल फाइल तैयार कर लें। यह फाइल आपकी पूरी टैक्स जानकारी को संक्षिप्त रूप में संग्रहित करती है। अब दोबारा इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करके ‘File Income Tax Return’ सेक्शन में जाएँ और इस JSON फाइल को अपलोड कर दें।
फाइल अपलोड हो जाने के बाद, आखिरी चरण के रूप में ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। यह सुनिश्चित करता है कि आपने जो जानकारी दी है, वह सही है। ई-वेरिफिकेशन आप आधार OTP, नेट बैंकिंग या EVC कोड के जरिए कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही आपका ITR सफलतापूर्वक फाइल हो जाएगा और आपको कुछ दिनों में एक रसीद (Acknowledgement) प्राप्त हो जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया सरल और सीधी है, बशर्ते आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार हों।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- फॉर्म 16 (वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए)
- फॉर्म 26AS (टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट)
- बैंक स्टेटमेंट
- निवेश प्रमाण (PPF, ELSS, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि)
- होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग 2025 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या इस साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी?
A: अब तक सरकार ने केवल विशेष परिस्थितियों (जैसे तकनीकी समस्याएं, कोविड जैसी आपात स्थितियां) में ही ITR फाइलिंग की तिथि बढ़ाई है। इस वर्ष भी, जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, 31 जुलाई 2025 को ही अंतिम तिथि मानकर तैयारी करना उचित रहेगा। देरी से फाइलिंग करने पर ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है, इसलिए समय रहते ITR जमा करना बेहतर है।
Q2: क्या फॉर्म 16 के बिना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जा सकता है?
A: हां, फॉर्म 16 के बिना भी ITR फाइल किया जा सकता है। अगर आपके नियोक्ता (employer) ने अभी तक फॉर्म 16 जारी नहीं किया है, तो आप निम्न दस्तावेजों की मदद से अपना टैक्स रिटर्न भर सकते हैं:
- फॉर्म 26AS (इनकम टैक्स पोर्टल से डाउनलोड करें)
- मासिक वेतन पर्ची (Salary Slips)
- बैंक स्टेटमेंट (वेतन जमा होने का प्रमाण)
- निवेश प्रमाणपत्र (PPF, ELSS, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि)
- होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
Q3: ITR फाइल करने के बाद रिफंड कब तक मिलता है?
A: आमतौर पर, ITR सत्यापित (e-verify) होने के 3-6 महीने के भीतर रिफंड प्राप्त हो जाता है। हालांकि, निम्न बातें रिफंड की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं:
जल्दी फाइलिंग: जो लोग जुलाई में ही इनकम टैक्स रिटर्न जमा कर देते हैं, उन्हें रिफंड अक्टूबर-नवंबर तक मिल जाता है।
देरी से फाइलिंग: अगर आप अंतिम तिथि के करीब ITR भरते हैं, तो रिफंड में देरी हो सकती है।
सत्यापन जरूरी: ITR फाइल करने के 30 दिनों के भीतर उसे ई-वेरिफाई करना अनिवार्य है, वरना रिफंड नहीं मिलेगा।
ITR फाइलिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह
- जल्दी तैयारी करें: जून तक सभी दस्तावेज (फॉर्म 26AS, बैंक स्टेटमेंट, निवेश प्रमाण) इकट्ठा कर लें।
- गलतियों से बचें: आय, कटौतियों और TDS का सही विवरण दर्ज करें।
- ई-वेरिफिकेशन न भूलें: ITR फाइल करने के बाद 30 दिनों के अंदर OTP या आधार से वेरिफाई करें।
अगर आपको ITR फॉर्म चुनने या फाइलिंग में कोई संदेह है, तो किसी CA से सलाह ले सकते हैं या इनकम टैक्स हेल्पलाइन (1800-180-1961) पर संपर्क करें।
समय पर ITR फाइल करने के लाभ
- पेनल्टी से बचाव: देर से फाइलिंग पर ₹5,000 तक का जुर्माना
- जल्दी रिफंड: शीघ्र फाइलिंग से रिफंड तेजी से प्राप्त होता है
- लोन और वीजा के लिए आसान: इनकम टैक्स रिटर्न रिटर्न वित्तीय साख स्थापित करने में मदद करता है
सलाह: जून के मध्य तक सभी दस्तावेज एकत्र कर लें और जुलाई के पहले सप्ताह में ही अपना ITR फाइल कर दें। इससे आप अंतिम समय की परेशानियों से बच सकते हैं।
अपडेट: इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म और ऑनलाइन यूटिलिटीज के पूरी तरह सक्रिय होते ही इस लेख को अपडेट कर दिया जाएगा। नवीनतम जानकारी के लिए इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें।
ये भी पढ़ें :-सुकन्या समृद्धि योजना की मुख्य विशेषताएं




