कोविड महामारी के चलते वर्षों से टलती आ रही जनगणना अब आखिरकार 2027 में आयोजित की जाएगी। यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी क्योंकि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार इसमें जातिवार गणना भी शामिल की जा रही है। केंद्र सरकार ने इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा कर दी है
सरकार की अधिसूचना जल्द
16 जून 2025 को सरकार राजकीय अधिसूचना जारी करेगी, जिसमें जनगणना की विस्तृत रूपरेखा और राज्यों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
दो चरणों में होगी प्रक्रिया: मकान सूचीकरण और जनगणना
जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी:
पहला चरण (2026): मकान सूचीकरण

- 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच देश भर में मकानों की गिनती और सूचीकरण का कार्य होगा।
- इसमें प्रत्येक मकान की स्थिति, प्रकार, सुविधाएं आदि की जानकारी एकत्र की जाएगी।
दूसरा चरण (2027): मुख्य जनगणना
- 9 फरवरी 2027 से जनगणना का कार्य प्रारंभ होगा, जो 1 मार्च 2027 से 10 अक्टूबर 2027 तक चलेगा।
- पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूल बनाया जाएगा।
जातिवार गणना: सामाजिक योजनाओं की नींव
यह जनगणना इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पहली बार इसमें जातिवार आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इससे सामाजिक नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध हो सकेगा। यह जानकारी सरकार को सामाजिक न्याय, आरक्षण नीति, शिक्षा, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में सहायक होगी। आजादी के बाद यह पहला अवसर होगा जब जाति को औपचारिक रूप से गणना का हिस्सा बनाया जाएगा।
क्यों देर से हो रही है जनगणना?
मूल रूप से 2021 में होने वाली जनगणना कोविड महामारी के चलते टल गई थी। इसके बाद प्रशासनिक तैयारियों, डिजिटल माध्यम अपनाने, और जातिवार गणना को शामिल करने की प्रक्रिया में समय लगा। अब केंद्र सरकार ने 2027 को अंतिम रूप से निर्धारित किया है।
रात 12 बजे तक होगा कार्य
जनगणना का कार्य 1 अक्टूबर 2027 की रात 12 बजे तक चलेगा। इसके बाद सभी आंकड़ों का विश्लेषण और रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो नीति निर्माण में मार्गदर्शक साबित होगी।
जनगणना 2027 भारत के सामाजिक ताने-बाने को समझने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बनने जा रही है। पहली बार जाति के आधार पर व्यापक और अधिकृत आंकड़े एकत्र होंगे, जिससे शासन व्यवस्था और योजनाओं को जमीनी हकीकत से जोड़ने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं और आने वाले वर्षों में यह कार्य राष्ट्रीय प्राथमिकता में शामिल रहेगा।
Also Read:
Google News में बड़ा बदलाव: अब अपने-आप बनेंगे पब्लिकेशन पेज और प्रकाशकों के लिए नए दिशा-निर्देश




