अब आधार कार्ड में मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, नाम और पता बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्रों की लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है, जिसके जरिए ये सभी जरूरी बदलाव घर बैठे मोबाइल फोन से ही किए जा सकते हैं। यह एप्लीकेशन फिलहाल बीटा वर्जन में उपलब्ध है और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए Google Play Store पर डाउनलोड के लिए मौजूद है।
UIDAI के इस नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन, डिजिटल आधार, QR कोड शेयरिंग और चयनित जानकारी साझा करने जैसे आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं। इससे न केवल प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि फर्जीवाड़े की आशंका भी काफी हद तक कम हो गई है।
कैसे डाउनलोड करें नया आधार ऐप
नया आधार एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए उपयोगकर्ता को प्ले स्टोर पर जाकर “Aadhaar” सर्च करना होगा। जो ऐप बीटा फेज में उपलब्ध है, वही नया अपडेटेड वर्जन है। डाउनलोड करने के बाद पहली बार ऐप खोलने पर कुछ जरूरी परमिशन मांगी जाती हैं, जिन्हें अनुमति देना आवश्यक होता है। इसके बाद “I am ready with my Aadhaar” विकल्प पर क्लिक करके लॉग-इन की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

लॉग-इन के लिए 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद टर्म्स एंड कंडीशंस स्वीकार करने पर सिम सिलेक्शन का विकल्प आता है। यदि मोबाइल में एक से अधिक सिम हैं, तो जिस नंबर से लॉग-इन करना है वही चुना जाता है। यह जरूरी नहीं है कि वही नंबर आधार से पहले से लिंक हो।
बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के भी लॉग-इन संभव
अगर आपके आधार में पुराना मोबाइल नंबर दर्ज है और वह अब बंद हो चुका है, तब भी आप इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे मामलों में “Continue with this number” विकल्प का चयन करके फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए लॉग-इन किया जा सकता है। UIDAI ने यह सुविधा पहली बार शुरू की है, ताकि जिन लोगों के पुराने नंबर निष्क्रिय हो चुके हैं, उन्हें भी परेशानी न हो।
फेस ऑथेंटिकेशन से होगी पहचान
लॉग-इन के दौरान फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए कैमरे के सामने चेहरा सही तरीके से रखना होता है। पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है और चेहरे पर सनग्लास या कैप नहीं होनी चाहिए। हरे रंग का संकेत मिलने पर कुछ सेकंड तक आंखें झपकाने से ऑथेंटिकेशन सफल हो जाता है। यह प्रक्रिया एक दिन में अधिकतम तीन बार ही की जा सकती है।
फेस वेरिफिकेशन के बाद यूजर को एक 6 अंकों का पिन सेट करना होता है, जिससे आगे चलकर हर बार लॉग-इन किया जा सके। इसके बाद यूजर सीधे ऐप के डैशबोर्ड पर पहुंच जाता है।
डिजिटल आधार और QR कोड शेयरिंग की सुविधा
नए ऐप के डैशबोर्ड पर यूजर को उसका डिजिटल आधार कार्ड दिखाई देता है। इसमें एक यूनिक QR कोड भी होता है, जिसे स्कैन करके आधार का सत्यापन किया जा सकता है। अब कई जगहों पर फिजिकल आधार कार्ड दिखाने की बजाय इसी QR कोड से काम किया जा सकेगा।
इसके अलावा यूजर अपने आधार की जानकारी किसी को डिजिटल तरीके से शेयर भी कर सकता है। इसमें “Selective Share” का विकल्प दिया गया है, जिससे यूजर केवल वही जानकारी साझा कर सकता है जिसकी जरूरत हो, जैसे सिर्फ नाम या फोटो। पूरी जानकारी साझा करना जरूरी नहीं होता।
अब ऑनलाइन बदलेगा मोबाइल नंबर
इस नए ऐप की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि अब आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना जरूरी नहीं रहा। यूजर “Services” सेक्शन में जाकर “Mobile Number Update” विकल्प चुन सकता है। इसके लिए ₹75 का ऑनलाइन शुल्क निर्धारित किया गया है।
प्रक्रिया के तहत पहले नया मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है, जिस पर OTP भेजा जाता है। OTP वेरिफिकेशन के बाद फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बदलाव खुद आधार धारक ही कर रहा है। इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट किया जाता है। पेमेंट के लिए UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड जैसे सभी विकल्प उपलब्ध हैं।
पेमेंट सफल होने के बाद एक पावती (Acknowledgement Slip) जनरेट होती है, जिसमें SRN नंबर दिया जाता है। इसी नंबर से रिक्वेस्ट को ट्रैक किया जा सकता है। आमतौर पर 2–3 दिनों में मोबाइल नंबर अपडेट हो जाता है, हालांकि अधिकतम समय सीमा 30 दिन रखी गई है।
नाम, पता और ई-मेल अपडेट की सुविधा भी जल्द
UIDAI के अनुसार जल्द ही इस एप्लीकेशन के जरिए नाम में सुधार (Name Correction), पता बदलना (Address Update) और ई-मेल आईडी अपडेट करने की सुविधा भी पूरी तरह एक्टिव कर दी जाएगी। फिलहाल कई यूजर्स को ये विकल्प “Coming Soon” के रूप में दिख रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ महीनों में ये सभी सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
हालांकि जन्मतिथि (Date of Birth) में संशोधन की सुविधा अभी इस ऐप में उपलब्ध नहीं है। UIDAI के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में यह सुविधा भी जोड़ी जा सकती है।
आधार सेवा केंद्रों की भीड़ होगी कम
इस नए मोबाइल एप्लीकेशन के लॉन्च होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आधार सेवा केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों में काफी कमी आएगी। खासकर मोबाइल नंबर और एड्रेस बदलवाने जैसे कामों के लिए लोगों को अब बार-बार सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
UIDAI का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और आसान डिजिटल सेवाएं मिल सकें।
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