अगरकर का खुलासा: “Virat Kohli ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कब लिया कोहली ,और रोहित का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, भारत को अब नए सितारों की तलाश

Virat Kohli

भारतीय टेस्ट टीम के दो बड़े स्तंभ—Virat Kohli और रोहित शर्मा—के संन्यास ने टीम में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है। चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने शनिवार को इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसे दिग्गजों की भरपाई करना बेहद मुश्किल है, लेकिन साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले इंग्लैंड दौरे पर युवा खिलाड़ी इस चुनौती को अवसर में बदलेंगे।

रोहित शर्मा ने 7 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जबकि विराट कोहली ने 12 मई को यह फैसला लिया। दोनों खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भारत ने 20 जून से शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए 18 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसकी अगुवाई अब शुभमन गिल करेंगे।

अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

“जब इतने बड़े खिलाड़ी खेल को अलविदा कहते हैं, तो स्वाभाविक है कि उनकी खाली जगह भरना आसान नहीं होता। लेकिन इसे एक नए नजरिए से भी देखा जाना चाहिए—अब ये नए चेहरों के लिए खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टेस्ट टीम एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, और यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र की शुरुआत में टीम को मजबूत बनाने का समय है।

Virat Kohli और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के साथ ही भारतीय क्रिकट के एक युग का अंत हो गया है।अब इनकी अनुपस्थिति में टीम इंडिया को नए नेतृत्व और बल्लेबाजों की तलाश है। चयनकर्ता अजीत अगरकर मानते हैं कि यह फैसला सम्मान के काबिल है, और अब युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

कोहली ने खुद लिया संन्यास का फैसला

अगरकर ने बताया कि “Virat Kohli ने आईपीएल 2025 के शुरुआती दौर में ही चयन समिति से संपर्क करके अपने टेस्ट करियर को समाप्त करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा, “विराट ने अप्रैल में ही बता दिया था कि वह संन्यास लेना चाहते हैं। वह हर गेंद में 200% देते रहे, लेकिन शायद उन्हें लगा कि अब वह अपने ही स्तर पर नहीं खेल पा रहे। यह उनका निजी फैसला था, और हमें इसे सम्मान देना चाहिए।”

रोहित शर्मा ने भी पिछले महीने ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया, हालांकि अगरकर ने उनके साथ हुई बातचीत के बारे में ज्यादा विवरण नहीं दिया।

नई पीढ़ी को मिलेगा मौका

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज (20 जून से शुरू) में भारत एक अनुभवहीन बल्लेबाजी लाइनअप के साथ उतरेगा। ऋषभ पंत और केएल राहुल ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्हें इंग्लैंड में टेस्ट खेलने का अनुभव है। इसके अलावा, अश्विन भी पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में संन्यास ले चुके हैं।

अगरकर ने कहा, “जब ऐसे खिलाड़ी रिटायर होते हैं, तो उनकी जगह भरना मुश्किल होता है। लेकिन यह नए खिलाड़ियों के लिए एक अवसर है। अब शुभमन गिल की कप्तानी में टीम को नए सिरे से गढ़ना होगा।”

टीम में नए चेहरे, भविष्य पर फोकस

इंग्लैंड दौरे के लिए 23 वर्षीय बी. साई सुधर्शन को पहली बार और करुण नायर को वापस बुलाया गया है। अगरकर के मुताबिक, वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (2025-27) के नए चक्र में टीम को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

“यह एक नई शुरुआत है। हमें अगले दो साल के लिए एक मजबूत टीम बनानी है। “Virat Kohli, रोहित और अश्विन जैसे खिलाड़ियों की कमी खलेगी, लेकिन अब किसी और को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा,” उन्होंने कहा।

आगे का रास्ता

भारत इस साल वेस्टइंडीज (अक्टूबर) और दक्षिण अफ्रीका (नवंबर) के खिलाफ घरेलू सीरीज भी खेलेगा। अगरकर ने साफ किया कि नंबर 4 की भूमिका के लिए फैसला कोच और कप्तान पर छोड़ दिया गया है।

“Virat Kohli और रोहित के बिना भारतीय टेस्ट टीम को नए सिरे से खुद को गढ़ना होगा। यह चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन क्रिकेट का यही नियम है—पुराने सितारे जाते हैं, नए आते हैं। अब देखना यह है कि शुभमन गिल की अगुवाई में यह नया भारत कैसा प्रदर्शन करता है।

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